शुक्रवार, 8 फ़रवरी 2013

पद्म पुरस्कार


पद्म पुरस्कार वर्ष 1954 में प्रारम्भ किए गए थे। वर्ष 1978, 1979 तथा 1993 से 1997 के दौरान थोड़े से अन्तराल को छोड़कर, ये पुरस्कार प्रत्येक गणतन्त्र दिवस पर प्रदान किये जाते हैं। ये पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं- पद्मश्री, पद्मभूषण, पद्मविभूषण। पद्म श्री विशिष्ट सेवा के लिये, पद्मभूषण उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिये तथा पद्मविभूषण असाधारण एवं विशिष्ट सेवा के लिये प्रदान किय जाता है।
इन पुरस्कारों को देने का आशय विशिष्ट कार्यों को प्रोत्साहित तथा मान्यता प्रदान करना है। ये पुरस्कार सभी प्रकार की गतिविधियों/क्षेत्रों जैसे कला,साहित्य व शिक्षा, खेलकूद, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान और इंजीनियरी, सार्वजानिक मामले सिविल सेवा, व्यापार और उद्योग आदि में विशिष्ट और असाधरण उपलब्धियों के लिये प्रदान किये जाते हैं। जाति, लिंग, व्यवसाय, पद इत्यादि के भेदभाव के बिना ये सभी व्यक्तियों को प्रदान किये जाते हैं।   
ये पुरस्कार सामान्यत: मरणोपरान्त प्रदान नहीं किए जाते हैं। तथापि अत्यधिक उपयुक्त मामलों में सरकार मरणोपरान्त पुरस्कार प्रदान करने पर विचार कर सकती है। उच्चतर श्रेणी का पदम् पुरस्कार किसी एसे व्यक्ति को प्रदान किया जा सकता है जिस उससे निम्न श्रेणी का पुरस्कार प्राप्त किये हुए पांच वर्ष बीत गये हों, अत्यधिक पात्र मामलों मे समिति द्वारा कुछ छूट दी जा सकती है।  
सभी राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकारों, भारत सरकार के मंत्रालयों/विभागों भारत रत्न और पद्म विभूषण पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं तथा उत्कृष्ट संस्थानों से हर वर्ष 1 अक्टूबर तक सिफारिशें आमंत्रित करना एक सामान्य प्रक्रिया है। मुख्यमंत्रियों, मंत्रियो, राज्यपालों तथा संसद के सदस्यों और गैर सरकारी निकायों इत्यादि की सिफरिशों को भी संज्ञान मे रखा जाता है । पुरस्कार समिति का गठन प्रतिवर्ष प्रधानमंत्री द्वारा किय जाता है। पुरस्कार समिति द्वारा कि गयी सिफारिशें प्रधानमंत्री तथा राष्ट्रपति के अनुमोदन के लिये रखी जाति हैं। पुरस्कार समिति कि सिफारिशों से हटकर कोई पुरस्कार नहीं किया जाता है।
एक वर्ष में प्रदान किये जाने वाले पुरस्कारों की कुल संख्या वर्ष में प्रदान किये जाने वाले पुरस्कारों कि कुल संख्या  (मरणोपरान्त पुरस्कार तथा विदेशियों को दिए जाने वाले पुरस्कार को छोड़कर) 120 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
पुरस्कार विजेताओं के नाम भारत के राजपत्र मे प्रकाशित किये जाते हैं।राष्ट्रपति किसी व्यक्ति को पुरस्कार प्रदान किय जाना रद्द एवं निष्प्रभावी भी कर सकते हैं । इन पुरस्कारों की घोषणा प्रति वर्ष 26 जनवरी के अवसर पर कि जाति है। ये पुरस्कार राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह मे राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किये जाते हैं। यह समारोह सामान्यतः मार्च /अप्रैल मे आयोजित किया जाता है      
इस अलंकरण में राष्ट्रपति के हस्ताक्षर तथ मुहर से जरी कि गयी एक सनद तथा एक तमगा भी शामिल होता है। प्रत्येक पुरस्कार विजेता के सम्बन्ध में संक्षिप्त ब्योरे वाली एक स्मारिका भी समारोह वाले दिन जारी की जाती है। पुरस्कार प्राप्त कर्ताओं को तमगे कि एक प्रतिकृति भी प्रदान की जा सकती है । जिसे वे अपनी इच्छानुसार किसि भी समारोह या राजकीय समारोह मे पहन सकते हैं। 

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