बुधवार, 13 फ़रवरी 2013

भारतीय रडार


रडार (Radar) वस्तुओं का पता लगाने वाली एक प्रणाली है जो सूक्ष्मतरंगों का उपयोग करती है। इसकी सहायता से गतिमान वस्तुओं जैसे वायुयान, जलयान, मोटरगाड़ियों आदि की दूरी (परास), उँचाई, दिशा, चाल आदि का दूर से ही पता चल जाता है। इसके अलावा मौसम में तेजी से आ रहे परिवर्तनों (weather formations) का भी पता चल जाता है। 'रडार' (RADAR) शब्द मूलतः एक संक्षिप्त रूप है जिसका प्रयोग अमेरिका की नौसेना ने 1940 में 'रेडियो डिटेक्शन ऐण्ड रेंजिंग' (radio detection and ranging) के लिये प्रयोग किया था। बाद में यह संक्षिप्त रूप इतना प्रचलित हो गया कि अंग्रेजी शब्दावली में आ गया और अब इसके लिये बड़े अक्षरों (कैपिटल) का इस्तेमाल नहीं किया जाता।
भारतीय रडार
भारतीय डॉप्लर रडार (इंद्र-I): इंद्र नीचे स्तर के लक्ष्यों का पता लगाने के लिए 2डी चल निगरानी रडार है। यह रडार दे पहिए वाले वाहन में लगाया गया है। इसकी मुख्य विशेषताएं स्वचालितच ट्रैक वाइल स्कैन (टीडब्ल्यूएस), एकीकृत आईएफएफ तथा उच्च गति से लक्ष्य पता लगाने के लिए उच्च स्कैन दर हैं। इस रडार का विकास मैसर्ज बैल द्वारा किया गया है और इसे सेवा में शामिल कर लिया गया है।
इंद्र-II पीसी रडार: यह रडार लक्ष्यों के भूतल नियंत्रित अवरोधन के लिए इंद्र रडार का परिवर्तित रूप है। रडार उच्च पर्वतमाला वियोजन वाले अत्यधिक भूतल जमाव में नीचे उड़ रहे विमानों का पता लगाने के लिए पल्स दाब का प्रयोग करता है। रडार की ईसीएम क्षमता बेहतर है। इस रडार का निर्माण मै. बैल ने किया है और भारतीय वायु सेना तथा थलसेना इसका प्रयोग कर रही है।
युद्ध क्षेत्र निगरानी रडार- अल्प दूरी (बीएफएसआर-एसआर): युद्ध क्षेत्र निगरानी रडार-अल्प दूरी एक मानव सुवाह्य बैटरी चलित निगरानी रडार है। यह प्रणाली भूतल लक्ष्यों की आवाजाही का पता लगाने, मार्ग बताने और उन्हें वर्गीकृत करने की क्षमता रखती है। बीएफएसआर-एसआर प्रत्येक मौसम में रात व दिन में संचालन के लिए विश्वसनीय सेंसर है। इस रडार को तीन मानव पैकेट मे ले जाया जा सकता है।
यह रडार एक सरल, प्रयोग में आसान और प्रयोक्ता-अनुकूल निगरानी ई-सेंसर है। इतना आसान है कि एक इन्फैंट्री सैनिक 5 मिनट के भीतर ही स्थापित करके इस प्रभावकारी ढंग से चला सकता है। इसे एक विशिष्ट क्षेत्र में खोजबीन करने तथा मार्गों का पता लगाने के एक विश्वसनीय निगरानी और पथप्रदर्शक रडार के रूप में निर्मित किया गया है। यह रेंग रहे मनुष्यों, अकेले/ग्रुप में चल रहे मनुष्यों व हल्के/भारी वाहनों जैसे बहु लक्ष्यों को स्कैन करने का कार्य भी करता है। दृश्य एवं श्रवण साधन किसी लक्ष्य का सटीक पता लगाने और वर्गीकृत करने में सहायता देते हैं।
रडार में 100 मीटर की दूरी से संचालन करने की क्षमता है। बंकर अथवा खंदक में बैठा सैनिक एक तार के प्रयोग द्वारा रडार को उपयुक्त स्थान पर रखकर अपनी तकनीकी तथा सामरिक अपेक्षाओं को पूरा कर सकता है।
बीएफएसआर-एसआर में स्वनिर्मित नेटवर्क सुविधाच उपलब्ध है जो चक्सी निर्दिष्ट स्थान पर केंद्रीय रूप से उपलब्ध एकीकृत निगरानी चित्र उपलब्ध कराते हुए व्यापक क्षेत्र की महत्वपूर्ण निगरानी मुहैया कराता है। सभी राडारों को एक केंद्रीय स्थान से नियंत्रित किया जा सकता है। बीएफएसआर-एसआर के साथ आईआर सेंसर भी उपलब्ध है जो लक्ष्य सूचना में संवर्धन करता है। इस रडार का निर्माण मै. बीईएल (बैल) द्वारा किया गया है और इसे थलसेना में शामिल कर लिया गया है.
सामुद्रिक गश्ती हवाई रडार XV - 2004 एक बहुमुखी समुद्री निगरानी हवाई रडार है जो समुद्री निगरानी, खोज और बचाव अभियानों में उत्कृष्ट प्रदर्शन प्रदान करता है। रडार खोज करने, पता लगाने और लंबी दूरी में कई लक्ष्यों का पीछा करने के लिए कई प्लेटफार्मों पर आसानी से अनुकूलन योग्य है। रडार में छोटे लक्ष्यों का पता लगाने के लिए समुद्री अव्यवस्था को दबाने की अच्छी विशेषताएं है। मानक टीडब्ल्यूएस के साथ हवा से सतह पर खोज पद्धति के अलावा, इस रडार में उच्च विश्लेषण रेंज सिग्नेचर (आरएस) प्रोफाइल और लक्ष्य की छवि प्रदान करने के लिए विपरीत सिंथेटिक एपर्चर रडार (आईएसएआर) है। यह अवरोधित लक्ष्य के वर्गीकरण को सक्षम करता है। यह रडार हवाई लक्ष्यों का पता लगा सकता है और उनका अनुसरण कर सकता है। रडार के माध्यमिक मोड में तटीय मानचित्रण, मौसम परिहार और सार्ट (एसएआरटी) प्रकाश शामिल हैं। रडार या तो अंदर आरोहित (बेली माउंटेड) आथवा सामने आरोहित (चिन माउंटेड) विन्यास में पूर्ण दिगंश कवरेज प्रदान करता है।
3डी मीडियम रेंज निगरानी रेडारः रोहिणी: 3डी मध्यम निगरानी रडार रोहिणी भरोसे के साथ विमान के निशानों का पता लगाने और अनुशीलन के लिये अकाश पर निगरानी रखने के लिये एक भूमि पर स्थापित रडार है जो यांत्रिक रुप से स्कैन करने वाला रूप बैण्ड प्लस डापलर रडार है जहां तक शत्रु के ईडब्ल्यू वातावरण में भी रडार आकाश पर 360 के कोण तक स्कैन करता है। दिशा कोण तथा 30 डिग्री के कोण 18 किमी. तक की ऊंचाई तक के उत्थापन में। अनेक प्रकार के प्रयोगों के लिये लचीला वास्तुशिल्प भरोसे योग्य और अनुकूल प्रोद्योगिकी है? विमानपत्तनों पर आकाश सुरक्षा अस्त्र प्रणाली; आकाश सुरक्षा सेंसर शीघ्र चेतावनी हेतु। रडार में उन्नत प्रविधियां जैसे डिजिटल रिसीवर, प्रोग्रामेबल सिग्नल प्रोसेसर उच्च समाधान, शुद्धता जवाबी उत्तर और सूचना उपल्ब्ध कराता है। सॉफ्टवेयर से नियंत्रित ऊंची गति की डिजिटल प्रौद्योगिकीयां ऑपरेशनल कर्मी दल को सही समय पर आकृति दर्शाता है।
3डी निगरानी रडार प्रणाली रेवती:  रडार की सार परास अवरोधक के लिये मध्यम भार 3डी आकाश की निगरानी, 3डी लक्ष्य भेदा एंव संकेतक और प्रारम्भिक सेसंर क रुप में सागरीतलीय निगरानी रडार उन्नत प्रौद्योगिकी पर आधारित है। उद्योग भागीदार मैसर्ज बेल मैसर्ज रक्त के साथ मिलकर समकालीन इंजिरनियरी का प्रयोग करना समझ रहा है।
3डी कुशल नियंत्रण रडार (3डी टीसीआर) रेडारः टाटरा वीवीएल पर चढ़ा होता है, चलता फिरते स्टैण्ड पर अकेला मध्यम दूरी तक, मङी प्रकार के मौसमों में आकाशीय लक्ष्यों की खोज एवं पहचान के लिये 3डी निगरानी रडार है। टीसीआर पर प्रांसगिक आंकडे एकत्रित किये जा सकते हैं। रडार से 20 किमी. की दूरी पर 1 रडार एस-बैण्ड में संचालित होता है और पीछे करने में सक्षम है और लड़ाकू विमानों के लिये 90किमी.तक रडार के क्षितिज के अनुसार UAV के लिये 65 किमीय तक विमान वाहित लक्ष्यों का स्कैन कर सकता है एण्टीना 10 किमी. ऊंचाई तक 360 एवं 50 के कोण पर ऐलीवेश्न उपल्ब्ध कराने के लिये दिशाकोणों में यंत्रों से घूमता है।
नीचे निशाना साधने वाला 2 डी रडार भारणीः नीचे निशाना साधने वाला हल्क मारवाला एवं बैण्ड का 2 डी रडार हल्क मार वाला है जो बैटरी से संचालित होता है और इसमें ठोस सेसंर लगा होता है जो शत्रु के आकाशीय लक्ष्य जैसे UAV , RPV हेलीकॉपटर्स, तथा मध्यम ऊचाई, पर उड़ने वाले स्थिर पंखो वालों विमानों पर सार करने के लिये मुख्यतः पहाड़ो की तलहटियो में सेना की आकाशीसुरक्षा अस्त्र प्रणालियो को चौकसा करने के लिये 2डी निगरानी समाधान उपल्ब्ध कराता है। सिस्टम में रडार, कमांडर डिस्प्ले यूनिट (सीपीयू), संदेश देने के लिए यूनिट एक रडार वर्तमान कॉमबॉट रेडियो रिसोर्सिस/नेटवर्क का प्रयोग 10 टीडीआर तक सर्विस कर सकता है। सीडीयू रडार से 750 मीटर की दूरी पर स्थापित किया जा सकता है। मॉड्यूलर वस्तुशिल्प वाला रडार, उन्नत ईसीसीएम विशेषताएं, मिल मानकों के अनुसार ठोस रडार जिसमें अत्यधिक ठंडे, गर्म जलवायु के विपरीत भौगोलिक स्थितियों तथा लड़ाई के मैदान की स्थितियों में विशेषकर प्रतिकूल ईडब्ल्यू पर्यावरण रडार आकाश से भूमि तक कम दूरी तक आक्रमणों का पता लगाकर सामना करता है। यह आक्रमणों का पता शीघ्रता से लगाता है, रडार में एक एकीकृत आईएफएफ है जो पता लगाकर पुष्टि, वर्गीकरण कर सकता है और निगरानी अधीन रणक्षेत्र में प्रत्येक निशाने की आईएफएफ स्थिति ढूंढ सकता है।
नीचे निशाना साधने वाला हल्के भार वाला 3डी रडार-अलेशा: अलेशा भिन्न भिन्न क्षेत्र जैसे मैदानों, रेगीस्तानों, पहाड़ों की चोटियां और ऊचाई वाले क्षेत्रों में तैनाती के लिये भूमि आधारित एस बैण्ड 3 डी नीचे निशाना साधने वाला हल्के भार का निगरानी मल्टी फेसटेड रडार है। आकाशीय लक्ष्यों का पता लगाता है और पीछा करता है इन लक्ष्यों में हैलीकापटर्स लडाकू तथा यूएवी शामिल है। रडार घाटी की टोह ले सकता है यह ऊचाई में इलेक्ट्रानिक से संचालित मल्टी बीम अविधि सहित प्रत्येक लक्ष्य के सही दूरी, दिशा कोण तथा ऊचाई की जानकारी देता है। रडार आकाश मे दूरी सम्बधी जानकारी देने के लिये दिंशाकोण में 360 डिग्री तथा ऊचाई में 30 डिग्री घमता है। सेमी डिस्ट्रीब्यूटिड एक्टिव एप्रेचर रडार उन्नत VLSI और तीव्र गति डिजिटल प्रविधियां प्रयोग करता है जैसे अधिक कार्यकुशलता वाले टी/आर मोड्यूल डी डी एस डिजिटल रिसीवर और प्रोग्रामेबल सिग्नल प्रोसेसर ताकि अधिक शुद्वि, विभेदन तथा भरोसे के साथ 3 डी आकाशीय दूरी की जानकारी उपलब्ध करा सके। चूंकि सभी प्रमुख रडार 3डी प्रणालियां घूमते फिरते मंच पर होती है, यह रडार का कम करता है यह अधिक शक्ति वाले घूमने वाले जोड़ो तथा मध्यवर्ती ट्रांसमीटर को अलग करके िस से रडार प्रणाली को अत्यन्त भरोसे होगा बनाकर रडार को सुगमता से दोबारा स्थापित किया जा सकता है और 15 मिन्ट से भी कम समय में तैनात किया हटाया जा सकता है। रडार को
वाहनों से पुरुषों के समूह से या किसी हैलीकाप्ट्रर्स से किसी स्लंग कैरिज के नीचे लटकाकर सुगमतापूर्वक ढुलाई करने के लिये अनेक खण्डों में टुकड़ों पैकेजो में निर्मित किया गया है। कमाण्डर के माध्यम से रडार का दूरवर्ती संचालन? क्या रडार से 1 किसी तक CDU को युद्व के समय कर्मीदल को सुरक्षा उपलब्ध कराता है। यह सुविधा किसी उचित टिकाने पर रडार को स्थापित करने के लिये कमाण्डर को समर्थ भी बनाती है। चतुष्पाद पर टिका लड़ाकू में सहयोग हेतु नेट्वर्कस या स्टैण्ड एलोन में सचालित करने हेतु बनाया गया है। अनेक ECCM विशेषताएं अमीष्ट कार्यप्रदर्शन प्राप्त करने से रडार भी मदद करता है जहां तक कि अत्याधिक शत्रुता भरे EM के वातावरण में भी अलेश ठोस, हल्के भार वाले तथा मॉडूलर असलेश का विभिन्न नूतन भूमिकाओं में प्रयोग किया जा सकेगा जैसे वीवीआईपी के शहरी क्षेत्रों, विशाल संवदेशीय/प्रतिष्ठानों में आकाश की निगरानी।
लंबी दूरी के ठोस स्थिति सक्रिय चरणबद्ध सारणी राडार
प्रौद्योगिकी प्रदर्शन कार्यक्रम के तहत विकसित एलएसटीएआर प्रणाली; मुख्य रूप से निगरानी ​​और हवाई लक्ष्यों का पता लगाने और उन पर नज़र रखने के लिए एक लंबी दूरी, बहुक्रिया ठोस अवस्था सक्रिय चरणबद्ध सारणी रडार है। यह रडार लक्ष्यों का पता लगाता है और दूरी, दिगांश, ऊंचाई और लक्ष्य की गति का माप प्रदान करता है। प्रणाली में बना रडार डाटा प्रोसेसर (आरडीपी) लक्ष्य की पहचान, लक्ष्य स्थिति संदिश (वेक्टर) और अद्यतन के आधार पर एकाधिक लक्ष्यों की निगरानी का रखरखाव प्रदान करता है। रडार पल्स डॉपलर प्रसंस्करण का उपयोग कर निम्न एवं मध्यम पीआरएफ वेबफोर्म्स के साथ संचालित होता है।
एफएलआर : वायु सेना के लिए उड़ान स्तर रडार (राजेन्द्र)
एक बहुक्रिया इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्कैन चरणबद्ध सरणी रडार, राजेन्द्र, सशस्त्र सेनाओं की एक वायु रक्षा प्रणाली, आकाश हथियार प्रणाली के लिए उड़ान स्तर पर प्राथमिक सेंसर है। रडार में गहन खोज निष्पादन, कई लक्ष्यों और मिसाइलों का पता लगाने, और साथ ही अपने बहुक्रिया मिसाइलों का नियंत्रण और मार्गदर्शन करने की क्षमता है। राजेंद्र रडार के निगरानी, खोज और मार्गदर्शन जैसे कई कार्यों को पूरा करता है। वायु रक्षा के सभी संचालनों को सेंसर समर्थन प्रदान करने के लिए रडार प्रणाली को दो चक्का वाहनों पर स्थापित किया गया है- उड़ान स्तर रडार (एफएलआर) और उड़ान नियंत्रण केंद्र (एफसीसी)। एफएलआर और एफसीसी में नियंत्रण केंद्र में वितरित हार्डवेयर रडार - नियंत्रण केंद्र से काम का वितरित माहौल और रडार के संचालन की सुविधा प्रदान करता है। इसे समूह या स्वायत्त विन्यास में आकाश हथियार प्रणाली की तैनाती का समर्थन करने के लिए निर्मित किया गया है। रडार में यूएचएफ  संचार घटक बनाया गया है जो एक समूह में तैनात किए जाने पर स्क्वाड्रन नियंत्रण केंद्र के साथ आवाज और डाटा संचार उपलब्ध कराता है। इसके अलावा, एकीकृत रेडियो लाइन मोडेम (आईआरएलएम) लांचरों और निगरानी रडार को डेटा संचार प्रदान करता है। पर्यावरण के अनुसार मजबूत इंजीनियरिंग, रास्ते या चक्के युक्त प्लेटफार्मों के लिए लचीली वास्तुकला, सुन्दरता से डिजाइन किए गए एर्गोनॉमिक्स, वर्षों का लगातार प्रदर्शन और उन्नत ईसीसीएम क्षमताएं कमांडर को प्रभावशीलता और सफलता के लिए अभियान की योजना बनाने में सक्षम करते हैं।
हथियारों का पता लगाने वाले रडार (डब्ल्यूएलआर) -स्वाति  का उन्न्यन:
डब्ल्यूएलआर एक सुसंगत, इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्कैन किया हुआ सी-बैंड पल्स डॉपलर रडार है। रडार स्वचालित रूप से शत्रुतापूर्ण तोपखाने, मोर्टार और रॉकेट लांचरों की खोज करता है और आवश्यक सुधार लागू करने के लिए अनुकूल तोपखाने के फायर के प्रभाव बिंदु का पता लगाने के लिए अनुकूल गोलाबारी का पता लगाता है।
विमानस्थ पूर्व चेतावनी और नियंत्रण के लिए प्राथमिक रडार (एईडब्ल्यूएवंसी के लिए पीआर)
एलआरडीई विमानस्थ पूर्व चेतावनी और नियंत्रण (एईडब्ल्यूएवंसी) कार्यक्रम के लिए प्राथमिक रडार (पीआर) विकसित कर रहा है।
मध्यम शक्ति रडार (एमपीआर) - अरुध्र का विकास:
इस परियोजना का उद्देश्य उन्नत सक्रिय सारणी प्रौद्योगिकी का उपयोग कर एक परिष्कृत बहुक्रिया सेंसर के रूप में 4डी मध्यम शक्ति रडार (एमपीआर) विकसित करना है।
निम्न स्तर परिवहन योग्य रडार (अश्विनी)
एलएलटीआर एक अत्याधुनिक 4डी सक्रिय सारणी प्रौद्योगिकी आधारित बहुक्रिया रडार है। इस रडार को एलआरडीई द्वारा श्रेष्ठता हासिल करने के लिए उच्च कौशल युक्त लक्ष्यों के बारे में हवाई क्षेत्र जागरूकता प्रदान करने के लिए विकसित किया जा रहा है।
हिमस्खलन पीड़ित संसूचक (एवीडी)यह एक जीवन रक्षक साधन है जो हिस्खलित मलबे में दबे पीड़ितों का पता लगाने के लिए बर्फीले हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों में तैनात सैनिकों द्वारा संचालित किए चाते हैं। एवीडी एक ट्रांसमीटर-सह-दिशा बोधक रिसीवर है जिसमें निदेशात्मक एंटेना लगा होता है। यह उपस्कर पूर्णतः भूतल पर लगा एक इलैक्ट्रॉनिक यंत्र है जो शीशा भरे नाइलोन के हल्के से सीलबंद डिब्बे में बंद होता है। यह प्रणाली बड़ी संख्या में निजी क्षेत्र के उद्योग द्वारा बनाई जाती है और सेवाओं द्वारा इसका सफल प्रयोग किया जा रहा है।



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